चना फसल बीमा फर्जीवाड़ा मामले पर जांच अधिकारी बदलकर क्या सच्चाई दबाना चाहती है जिला प्रशासन? – चुम्मन साहू

 

राजनांदगांव: कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम खोभा के चना फसल बीमा मामले में जांच अधिकारी बदलने को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि 26/03/2026 को जारी आदेश में डॉ. बिरेंद्र अनंत, सह संचालक कृषि को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन 01/04/2026 को जारी दूसरे आदेश में अचानक संतलाल देशलहरे, अनुविभागीय कृषि अधिकारी को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।

चुम्मन साहू ने कहा कि ग्राम खोभा में चना फसल बीमा से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच के बीच इस तरह अचानक बदलाव कई सवाल खड़े करता है। एक ही मामले में कुछ ही दिनों के भीतर जांच अधिकारी बदलना यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार सच्चाई को सामने आने से रोकने और पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि किसानों के नाम पर योजनाओं में गड़बड़ी हुई है, तो भाजपा सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराकर दोषियों को सजा देनी चाहिए। लेकिन यहां तो जांच की दिशा ही बदलने की कोशिश की जा रही है, जिससे संदेह और गहरा होता जा रहा है कि जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की बात केवल मंचों और भाषणों में करती है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों से जुड़े मामलों में घोटाले और गड़बड़ियों को दबाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार और जिम्मेदार अधिकारी ईमानदार हैं, तो ग्राम खोभा के चना फसल बीमा मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

साहू ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में लीपापोती की गई, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी और भाजपा सरकार की सच्चाई जनता के सामने लाकर रहेगी

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