हम क्यू मनाते है दीपावली क्यों जलाते है हजारों दिये ?

छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) – 19 अक्टूबर 2025
दूसरे दिन को छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी कहते हैं. यह भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर पर विजय की स्मृति में मनाई जाती है. घरों में दीप जलाकर और सजावट करके इस दिन खुशियां मनाई जाती हैं.

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दिवाली – 20 अक्टूबर 2025
दिवाली का मुख्य दिन 20 अक्टूबर को है. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. घर दीपकों, रंगोली और रोशनी से सजाए जाते हैं. यह दिन धन, समृद्धि और खुशियों का प्रतीक माना जाता है.Uploaded Image

गोवर्धन पूजा – 22 अक्टूबर 2025
दिवाली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा या अन्नकूट होती है. इसमें भगवान कृष्ण को विविध शाकाहारी व्यंजनों का भोग चढ़ाया जाता है. इस दिन प्रकृति और अन्न के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है.

भाई दूज – 23 अक्टूबर 2025Uploaded Image
दिवाली का आखिरी दिन भाई दूज के रूप में मनाया जाता है. भाई और बहन के रिश्ते को समर्पित यह दिन प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है. बहनें भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं.।

दिवाली का सांस्कृतिक महत्व
दिवाली सिर्फ दीपक जलाने और मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके हर दिन का अलग धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. परिवार और दोस्तों के साथ इन पांच दिनों को मनाना हर किसी के लिए यादगार अनुभव बन जाता है।

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