जहाँ स्वच्छता और सेवा का भाव होता है,वहीं सच्चे संतों का प्रभाव होता है : संजय सिन्हा

 

छुरिया : विकासखंड के ग्राम भर्रीटोला (ब) में छ. ग. झेरिया धोबी समाज द्वारा आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा जी की जयंती व होली मिलन समारोह में शामिल हुए जनपद अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व जगजीत सिंह भाटिया उपाध्यक्ष जिला भाजपा,श्रीमती गीता साहू पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत राजनांदगांव,विश्राम निर्मलकर प्रांतीय अध्यक्ष, डॉ. लेखराम निर्मलकर, डॉ.हेमसिंग निर्मलकर,जीवन निर्मलकर, लेखराम निर्मलकर मुख्यरूप से मौजूद रहे । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा आज मैं आप सभी के सामने महान समाज सुधारक संत शिरोमणि गाडगे बाबा जी महान समाज सुधारक थे संत गाडगे बाबा का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के शेंडगांव गाँव में हुआ था। उनका असली नाम देवूजी झिंगराजी जानोरकर था। वे बहुत ही साधारण जीवन जीते थे और अपना पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित कर दिया। गाडगे बाबा जहाँ भी जाते थे, सबसे पहले गाँव की सफाई करते थे। वे अपने हाथ में झाड़ू लेकर लोगों को स्वच्छता का संदेश देते थे। उनका मानना था कि स्वच्छता ही सच्ची सेवा है। आगे प्रांतीय अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर ने बताया कि गाडगे जी समाज में फैले अंधविश्वास, छुआछूत और कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। वे लोगों से कहते थे कि भगवान की पूजा केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करके भी की जा सकती है। संत गाडगे बाबा ने समाज के गरीब लोगों के लिए धर्मशालाएँ, स्कूल और आश्रम बनवाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को शिक्षा और रहने की सुविधा मिल सके। उनका जीवन हमें सिखाता है कि अगर हम समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहें, तो साधारण साधनों से भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। श्रीमती गीता साहू ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके महान कार्यों को देखते हुए महाराष्ट्र में संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय का नाम उनके सम्मान में रखा गया है। संत गाडगे बाबा के जीवन से प्रेरणा लेकर स्वच्छता, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर चुडामणि निर्मालकर,योगेश निर्मलकर, बलराम निर्मलकर, श्रीमती राधिका चंद्रवांसी, उभे राम मंडावी, अग्नू राम चंद्रवांसी, भगवान सिंह,धन्ना लाल यादव,देवानंद सहारे, नैनसिंह पटेल,अशोक सेन, पंत निर्मलकर, देवनाथ निर्मलकर, उत्तम समाजसेवी सहित बड़ी संख्या निर्मलकर समाज के सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में मौजूद रहे ।

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