जिले के नौनिहालों को कुपोषण से मुक्त कर स्वस्थ भविष्य की दिशा में मजबूत कदम उठाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 09 से 18 फरवरी 2026 तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में “वजन त्योहार” का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष अभियान जिले के कुल 2602 आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित होगा, जिसमें 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की पोषण स्थिति का वास्तविक आकलन किया जाएगा।
वजन त्योहार के दौरान बच्चों का वजन और ऊँचाई मापकर उनके शारीरिक विकास का मूल्यांकन किया जाएगा। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बच्चों की पोषण स्थिति तय की जाएगी और आवश्यकता अनुसार उन्हें पोषण परामर्श, स्वास्थ्य मार्गदर्शन एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका शारीरिक व मानसिक विकास बेहतर हो सके।
इस अभियान की खास बात यह है कि केवल आंगनवाड़ी में पंजीकृत बच्चों तक ही सीमित न रहकर, ऐसे बच्चों का भी वजन लिया जाएगा जिनका नामांकन अभी नहीं हुआ है, जिससे कोई भी पात्र बच्चा शासन की पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं से वंचित न रह जाए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज आयोजित बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वजन त्योहार को संवेदनशीलता, गंभीरता और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि में एक भी पात्र बच्चा छूटना नहीं चाहिए।
वजन त्योहार का मुख्य उद्देश्य कुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान, आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करना, उन्हें पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
कलेक्टर दुदावत ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को अवश्य लाएं, ताकि इस अभियान को सफल बनाकर बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत की जा सके।
