कलेक्टर के आदेश की अनदेखी, जनवरी माह की ग्रामसभा नहीं हुई आयोजित — कलेक्ट्रेट में शिकायत
कोरबा। ग्राम पंचायत चिचोली एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। जानकारी के अनुसार कोरबा कलेक्टर द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों को प्रत्येक माह की 23 से 25 तारीख के बीच विशेष ग्रामसभा आयोजित करने तथा उसकी कार्यवाही विवरण, वीडियो एवं फोटोग्राफ संबंधित कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए थे।
लेकिन आरोप है कि ग्राम पंचायत चिचोली में इन निर्देशों की अनदेखी की गई और जनवरी माह की ग्रामसभा निर्धारित तिथि पर आयोजित नहीं की गई।
दूसरी बार सामने आई लापरवाही
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ग्रामसभा आयोजन को लेकर अनियमितता की शिकायत सामने आ चुकी है। बताया जा रहा है कि नवनिर्वाचित सरपंच और सचिव द्वारा शासन के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पंचायती राज अधिनियम की अवमानना?
विशेष ग्रामसभा पंचायत व्यवस्था का अहम हिस्सा मानी जाती है, जहां विकास कार्यों, योजनाओं और जनसमस्याओं पर चर्चा की जाती है। ऐसे में लगातार ग्रामसभा आयोजित न करना पंचायती राज अधिनियम की अवमानना माना जा सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय संबंधित उच्चाधिकारी ही करेंगे।
कलेक्ट्रेट में की गई शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार जनवरी माह की ग्रामसभा नहीं होने के मामले में आज कलेक्ट्रेट में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
लगातार बढ़ रही लापरवाही पर सवाल
ग्राम चिचोली में पिछले कुछ समय से प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो पंचायत व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। साथ में अब यह देखना बाकी है कि अधिकारियों के संज्ञान में आते ही क्या प्रतिक्रियाएं होती है
इस तरह पंचायती राज अधिनियम की अवमानना करना कहाँ तक उचित है यह तो प्राधिकृत उच्चाधिकारियों द्वारा ही तय किया जाएगा।
