मरवाही/ प्रयास कैवर्त
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़)। जिले के मरवाही क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने वाली एक सराहनीय पहल सामने आई है। आरोग्य श्री हॉस्पिटल मरवाही द्वारा बीते पाँच वर्षों से लगातार एक अभिनव अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु के नाम पर एक पौधा रोपा जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के जन्म के साथ ही समाज में हरियाली, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को मजबूत करना है।
आरोग्य श्री हॉस्पिटल मरवाही की इस पहल ने क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि स्वास्थ्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण से इसका सीधा संबंध है। अस्पताल परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में नवजात शिशुओं के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है, जिससे हर वर्ष हरियाली में निरंतर वृद्धि हो रही है। साथ ही, नवजात के माता-पिता को भी पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि पौधे केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि सुरक्षित रूप से बड़े होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिस प्रकार एक बच्चे का जन्म परिवार के लिए खुशियों और नई उम्मीदों का प्रतीक होता है, उसी तरह एक पौधा आने वाले भविष्य के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाता है। इस सोच के साथ आरोग्य श्री हॉस्पिटल मरवाही ने “जन्म से ही पर्यावरण संरक्षण” का संदेश समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया है। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आरोग्य श्री हॉस्पिटल के संचालक एवं चिकित्सक डॉ. एन. के. जयसवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन से पर्यावरण को जोड़ ले, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और भविष्य में अधिक से अधिक पौधारोपण कर क्षेत्र को हरित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल को स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा है। लोगों का कहना है कि यदि अन्य अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और निजी संगठन भी इस तरह की सोच अपनाएं, तो गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिला हरियाली और स्वच्छता के मामले में एक मिसाल बन सकता है। आरोग्य श्री हॉस्पिटल मरवाही की यह पहल निश्चित रूप से समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने वाली और प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
