ग्राम गोर्रा में आस्था और स्वच्छता का अनूठा संगम

रायगढ़ /जिले के जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम गोर्रा में आज आस्था, एकजुटता और स्वच्छता का प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। गाँव के जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने मिलकर प्राचीन कोतरा पाठ पूजास्थल की व्यापक साफ-सफाई कर न केवल परिसर की तस्वीर बदल दी, बल्कि सामाजिक सहभागिता की मिसाल भी पेश की।

वर्षों की उपेक्षा के बाद बदली तस्वीर

ग्रामवासियों के अनुसार, कोतरा पाठ पूजास्थल पर लंबे समय से झाड़ियाँ, कचरा और पुराना मलबा जमा था। इससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी, बल्कि स्थल की पवित्रता भी प्रभावित हो रही थी।

‘कल’ तक जहाँ अव्यवस्था और गंदगी का आलम था, वहीं ‘आज’ ग्रामीणों की मेहनत से पूरा परिसर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और दिव्य रूप में नजर आ रहा है।

युवाओं और पंचों ने किया श्रमदान

स्वच्छता अभियान में गाँव के पंच और जागरूक युवाओं ने कई घंटों तक श्रमदान किया। झाड़ियों की कटाई, मलबे की सफाई, बिखरी लकड़ियों और पत्थरों को हटाकर व्यवस्थित करना—इन सभी कार्यों को सामूहिक प्रयास से पूरा किया गया।

इस अभियान में मुख्य रूप से खुशाल पटेल (पंच), मुकेश पटेल, दुर्गेश पटेल, दुर्गा चरण पटेल, ईश्वर पटेल, दुर्गा शंकर पटेल, हितेश पटेल, राकेश साव और योगेश सिदार ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर पूजास्थल के प्रत्येक कोने को स्वच्छ और श्रद्धालुओं के बैठने योग्य बनाया।

पूजा-अर्चना के साथ लिया स्वच्छता का संकल्प

सफाई कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम देवता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कर गाँव की सुख-समृद्धि की कामना की।

अभियान में शामिल पंच खुशाल पटेल और युवाओं ने कहा कि ग्राम देवता का यह स्थान उनकी आस्था का केंद्र है और इसे स्वच्छ रखना पूरे गाँव की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में नियमित रूप से सफाई कर इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखी जाएगी।

सामाजिक एकता की प्रेरक मिसाल

ग्राम गोर्रा में चला यह स्वच्छता अभियान केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता और जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। ग्रामीणों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि यदि सामूहिक इच्छा शक्ति हो तो किसी भी स्थान की तस्वीर बदली जा सकती है।

यह पहल अन्य ग्रामों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जहाँ सामूहिक श्रमदान के माध्यम से आस्था स्थलों और सार्वजनिक परिसरों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखा जा सकता है।

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