कोंडागांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय धरना प्रदर्शन, बुनियादी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव

कोंडागांव, 26 फरवरी 2026 | जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ छत्तीसगढ़ से संबद्ध समस्त यूनियनों के आह्वान पर यह आंदोलन 26 एवं 27 फरवरी 2026 को प्रथम चरण में आयोजित किया गया।

 

इस दौरान जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालयों में समस्त कार्य बंद कर सामूहिक अवकाश, धरना, रैली एवं ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंदोलन का उद्देश्य नरेंद्र मोदी एवं विष्णु देव साय का ध्यान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं की ओर आकर्षित कर उनकी मांगों को शीघ्र पूरा कराना है।

 

डीएनके मैदान में हुआ प्रदर्शन

गुरुवार को कोंडागांव जिला मुख्यालय स्थित डीएनके मैदान में सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं एकत्रित हुईं और धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

 

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं —

 

1. शासकीय कर्मचारी का दर्जा – जिस प्रकार शिक्षक कर्मी, पंचायत कर्मी को नीति बनाकर नियमित किया गया, उसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।

 

 

2. न्यूनतम वेतन एवं सुविधाएं – शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाए। मध्यप्रदेश की तर्ज पर सभी सुविधाएं तत्काल लागू की जाएं तथा प्रतिवर्ष ₹1000 मानदेय वृद्धि की नीति लागू की जाए।

 

 

3. सामाजिक सुरक्षा – बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा के लिए मासिक पेंशन, बीमा, सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु पर एकमुश्त राशि (ग्रेच्युटी) का लाभ दिया जाए।

 

 

4. डिजिटल कार्य सुविधा – ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के बावजूद मोबाइल से कार्य कराया जा रहा है, लेकिन रिचार्ज के लिए राशि नहीं दी जाती — इसके लिए अलग से सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

 

 

5. अन्य विभागीय कार्यों का भार – आंगनबाड़ी कार्य के अलावा तेंदूपत्ता संग्रह, बीएलओ जैसे अन्य विभागीय कार्यों में भी लगाया जाता है, जिसे समाप्त किया जाए या अलग से मानदेय दिया जाए।

 

 

 

आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की गई कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द से जल्द किया जाए।

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