तंबाकू के दुष्प्रभावों से युवाओं को बचाने और कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के तहत व्यापक कार्रवाई की गई। यह अभियान कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के निर्देशानुसार तथा डॉ. कुमार पुष्पेष, नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) के नेतृत्व में संचालित किया गया।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत गठित संयुक्त टीम—जिसमें डॉ. मानसी जायसवाल (जिला सलाहकार, एनटीसीपी), वीरेंद्र भगत (ड्रग इंस्पेक्टर, खाद्य एवं औषधि विभाग) एवं श्री संतोष केवट (सोशल वर्कर) शामिल थे—द्वारा एनटीपीसी गेट, जामगांव एवं स्याहीमुड़ी क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में स्थित दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों को कोटपा अधिनियम 2003 के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
निरीक्षण के दौरान कोटपा एक्ट 2003 की धारा 04 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर कुल 11 चालान काटे गए, जिनसे ₹1600 का जुर्माना वसूला गया। वहीं 2 स्थानों पर लोगों को समझाइश देकर चेतावनी के साथ छोड़ा गया। अभियान के दौरान दुकानदारों को तंबाकू बिक्री पर लगे प्रतिबंधों की जानकारी दी गई और सभी संबंधित दुकानों में धारा 6(ए) से संबंधित चेतावनी पोस्टर चस्पा किए गए।
टीम द्वारा बताया गया कि कोटपा एक्ट 2003 की धारा 04 सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक लगाती है, धारा 5 तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाती है, जबकि धारा 6 के तहत नाबालिगों को तंबाकू बिक्री और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके साथ ही तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
