ग्राम गौद में परंपरा, आस्था और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। बुढ़ीमाई मंदिर परिसर के समीप 5 जनवरी से 7 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय भव्य मड़ई मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले को लेकर ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार, पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मड़ई मेला को और अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। मेले में दुकानदारों, झूला संचालकों, खान–पान स्टॉल संचालकों सहित सभी व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए मनोरंजन और आस्था से जुड़ी अनेक गतिविधियां मेले का आकर्षण रहेंगी।
मड़ई मेला के दौरान हर दिन सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति होगी।
6 जनवरी 2026, मंगलवार, रात 9 बजे से कार्यकन लोक सांस्कृतिक कलामंच द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य एवं लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।
7 जनवरी 2026, बुधवार, रात 9 बजे से रंग झरोखा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम, बालोद द्वारा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति का जीवंत मंचन किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में ब्यास कश्यप (विधायक, जांजगीर-चांपा) उपस्थित रहेंगे। वहीं विशेष अतिथियों में कांता मनमोहन कश्यप (जनपद पंचायत अध्यक्ष, नवागढ़), अमर सुल्तानिया जी (जिला संगठन प्रभारी, जशपुर), अंबेश जांगड़े जी (जिला अध्यक्ष, भाजपा), रवि पांडेय जी (भाजपा नेता) एवं पुष्पेंद्र प्रताप सिंह जी (जिला कोसा अध्यक्ष, भाजपा) शामिल होंगे।
ग्राम पंचायत गौड़ के सरपंच फिरातलाल भार्गव, उपसरपंच पुरन कश्यप एवं समस्त ग्रामवासी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित मड़ई मेला में पहुंचकर लोकसंस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे के इस महापर्व का आनंद लें।
यह मड़ई मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और परंपराओं को सहेजने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
