दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सतर्कता और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की त्वरित कार्रवाई से हत्या का एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आज सुबह 07:13 बजे रायपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेल) श्वेता सिन्हा ने नागपुर मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य को सूचना दी कि हत्या का आरोपी करण पोर्ते (उम्र 26 वर्ष, निवासी मंदिर हसौद, रायपुर) गीतांजली एक्सप्रेस से पश्चिम दिशा की ओर भाग रहा है।
RPF ने ऐसे किया पीछा
सूचना मिलते ही मंडल सुरक्षा आयुक्त ने गोंदिया पोस्ट प्रभारी के नेतृत्व में टास्क टीम और अपराध गुप्तचर शाखा को जांच के लिए भेजा।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी चेरापल्ली-रक्सौल एक्सप्रेस में चढ़ते हुए नजर आया।
तुरंत डोंगरगढ़ और राजनांदगांव पोस्ट को अलर्ट किया गया और संबंधित ट्रेन में RPF कर्मियों को तैनात किया गया।
दुर्ग स्टेशन पर गिरफ्तारी
जब ट्रेन दुर्ग पहुँची, तो RPF नागपुर, RPF दुर्ग, रायपुर मंडल और शासकीय रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम करण पोर्ते बताया, जो मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या (धारा 302, 307) के मामले में वांछित था।
जेल से फरार हुआ था आरोपी
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 6 सितम्बर को इलाज के लिए रायपुर AIIMS लाया गया था, जहाँ से जेल प्रहरी को चकमा देकर फरार हो गया था।
त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस सफलता में RPF गोंदिया, रायपुर और दुर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। उनकी समन्वित और तेज़ कार्रवाई से एक बड़े अपराधी को पकड़ना संभव हो सका।
रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और पुलिस के सहयोग से एक खतरनाक अपराधी को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता और टीमवर्क का शानदार उदाहरण है।
