कोंडागांव, 01 मार्च 2026 | कोंडागांव नगर पालिका द्वारा संचालित चारागाह गोठान में भारी अव्यवस्था सामने आई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर शहर से पकड़े गए घुमंतू मवेशियों को नगर सीमा से कुछ दूरी पर बनाए गए गोठान में रखा गया है, लेकिन वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार गोठान पूरी तरह बंजर जमीन में तब्दील हो चुका है। मवेशियों के लिए न तो पर्याप्त चारा उपलब्ध है और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। लंबे समय से बंद मवेशी भूख-प्यास से बुरी तरह कमजोर हो चुके हैं, कई पशु बीमार अवस्था में हैं, जिनकी नियमित स्वास्थ्य जांच भी नहीं हो रही है।

इस गंभीर मामले को लेकर आज रविवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मीडिया के समक्ष चौंकाने वाली तस्वीरें साझा किया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि गोठान में हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं है, पशु कुपोषण का शिकार हैं और व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। इस दौरान भूख प्यास से कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है।

हिंदू संगठनों ने सीधे तौर पर नगर पालिका पर गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पशु क्रूरता के समान है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन कोंडागांव से मांग की है कि—
गोठान की तत्काल व्यवस्था सुधारी जाए,
मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए,

लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए,
गोठान की नियमित निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था लागू की जाए।
स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमी संगठनों में भी इस वीडियो के सामने आने के बाद आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और नगर पालिका इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई करती है और गोठान की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
