रफ्तार का कहर, छिन ली तीन जिंदगियां, नुनेरा के पास हुआ हादसा, आक्रोशित लोगों ने किया चक्काजाम

दिपका पाली | संवाददाता

कोरबा। दीपका-पाली मुख्य मार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार ने कहर बरपाया। ग्राम नुनेरा के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे में तीनों बाइक सवारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेलर भी अनियंत्रित होकर उनके ऊपर पलट गया। हादसे से आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया। घटना में ओम प्रकाश पिता मंगल सिंह, उम्र 30 वर्ष, बृजपाल सिंह पिता सहदेव मरावी उम्र 25 वर्ष) और मंगल सिंह पिता सुखनाथ सिंह उम्र 50 वर्ष की मौत हो गई। तीनों ग्रामीण ग्राम पोटापानी के निवासी थे और सभी शादीशुदा थे, जिनके परिवार अब गहरे सदमे में है।जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। बाइक पर सवार तीनों व्यक्ति पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पोटापानी के निवासी थे। वे रोज़ाना की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर काम के लिए दीपका खदान की ओर जा रहे थे। नुनेरा के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर बाइक को अपनी चपेट में लेते हुए आगे बढ़कर पलट गया, जबकि बाइक सवारों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में सड़क पर पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हृदयविदारक हादसे से गुस्साए ग्राम पोटापानी और आसपास के ग्रामीणों ने दीपका-पाली मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार को नियंत्रित करने में विफल रहा है, जिसके कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है। चक्काजाम की वजह से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। यह घटना इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। लगातार होते हादसों ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है और वे अब ठोस कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस को इन भारी वाहनों की गति और यातायात प्रबंधन पर जल्द से जल्द गंभीर कदम उठाने होंगे ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। ग्रामीणों की प्रशासन से प्रमुख मांगे है। जिसमें मृतकों के परिजनों को तत्काल उचित और पर्याप्त मुआवजा मिले। इस क्षेत्र में गति सीमा निर्धारित की जाए और उल्लंघनकर्ताओं पर सख्त कार्यवाही हो। खदान क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए कोई वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था की जाए। पुलिस अधिकारी और प्रशासन के लोग ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें आश्वासन दे रहे हैं कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। खबर लिखे जाने तक चक्काजाम जारी था।

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