छुरिया। नगर पंचायत छुरिया में जिला कोसरिया मरार पटेल समाज द्वारा भव्य शाकंभरी महोत्सव का आयोजन रानी सूर्यमुखी देवी शासकीय महाविद्यालय छुरिया के स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां शाकंभरी देवी के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिसेसर पटेल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग ने अपने संबोधन में कहा कि शाकंभरी महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, प्रकृति और सेवा भावना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शाकंभरी माता को अन्न और वनस्पति की देवी माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब धरती पर अकाल पड़ा, तब माता ने शाक-सब्जियों और फल-फूलों से मानव जीवन की रक्षा की, इसी कारण उन्हें “अन्नपूर्णा स्वरूपा” भी कहा जाता है।
कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने कहा कि शाकंभरी माता हमें यह संदेश देती हैं कि प्रकृति ही हमारा जीवन है और प्रकृति का सम्मान ही सच्ची पूजा है। आज जब पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है, पेड़ों की कटाई और जल की बर्बादी बढ़ रही है, ऐसे समय में माता का संदेश “प्रकृति बचाओ, भविष्य बचाओ” अत्यंत प्रासंगिक है।
अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि शाकंभरी महोत्सव सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है। इस अवसर पर अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा और जाति-धर्म का भेद मिट जाता है तथा सभी एक साथ माता के चरणों में शीश नवाते हैं। यही भारतीय संस्कृति की सुंदरता है।
कार्यक्रम को नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार पटेल, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी सिन्हा, जिला अध्यक्ष कोसरिया मरार पटेल समाज नैन सिंह पटेल, चुम्मन साहू सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर तुकेश पटेल अध्यक्ष डोंगरगढ़ राज, लक्ष्मण पटेल घुमका राज, जीवन पटेल जिला उपाध्यक्ष, केशव पटेल हल्दीराज अध्यक्ष, भागवत पटेल, कन्हैया पटेल, दयालु राम पटेल, गौकरन पटेल, तीरथ, हेमू, दौलत, खिलावन, गजेंद्र, छत्रपाल, योगेश, कनस राम, प्रदीप, बीरु, देवासिंह, शीतल, किशन, योगी, कंवल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
