कोंडागांव, 29 जनवरी 2026 | जिला मुख्यालय कोंडागांव के नहरपारा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर में संचालित चावरा स्कूल की बस सुबह लगभग 7:30 बजे अमृत मिशन 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में अचानक धंस गई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे, गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को शारीरिक चोट नहीं आई, अन्यथा परिणाम भयावह हो सकते थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार अमृत मिशन के अंतर्गत कार्य कर रहे ठेकेदार द्वारा रातों-रात मुख्य सड़क पर गड्ढे खोद दिए जाते हैं, लेकिन न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की जाती है और न ही चेतावनी संकेत लगाए जाते हैं। इसी लापरवाही का नतीजा आज स्कूल बस की इस गंभीर घटना के रूप में सामने आया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण चालक को गड्ढे की जानकारी नहीं मिल सकी और बस सीधे उसमें धंस गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय नागरिकों ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नागरिकों का आरोप है कि यह स्थिति केवल नहरपारा तक सीमित नहीं है, बल्कि कोंडागांव शहर के लगभग हर वार्ड में अमृत मिशन के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। जगह-जगह खुले गड्ढे, उड़ती धूल और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली से आमजन, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने नगर प्रशासन और संबंधित विभाग से ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई करने, कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा खोदी गई सड़कों को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर अमृत मिशन 2.0 के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
