जिले में रेत की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण क्षेत्र में रेत खदानों से नियमित आपूर्ति की जा रही है तथा अवैध उत्खनन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में कुल 20 रेत खदानें स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त 3 नई रेत खदानें ई-नीलामी के माध्यम से आबंटित की गई हैं। जिले में 15 अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञाएं भी स्वीकृत हैं, जिनके माध्यम से रामपुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले में पर्याप्त मात्रा में रेत की आपूर्ति की जा रही है।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 रेत खदानें स्वीकृत हैं। साथ ही तरईमार एवं कछार (चोरभठ्ठी) की 2 नई रेत खदानों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन किया गया है, जिनकी स्वीकृति प्रक्रिया प्रचलन में है। रामपुर क्षेत्र में 8 अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञापत्र भी स्वीकृत किए गए हैं।
प्रशासन ने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक अवैध परिवहन के 264, अवैध उत्खनन के 21 तथा अवैध भंडारण के 10 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल 73,73,012 रुपये की राशि समझौता शुल्क के रूप में वसूल की गई है।
जिले में गठित टास्क फोर्स समिति—खनिज, वन, पुलिस, परिवहन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम—द्वारा उरगा, कुदुरमाल, बरपाली, करतला, नोनबिर्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। समिति रेत के साथ-साथ कोयला, मुरूम/मिट्टी, गिट्टी एवं अन्य खनिजों के अवैध कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित गश्त और जांच अभियान चला रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में रेत की पर्याप्त उपलब्धता है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
