वेतन अटका, रायगढ़ के 750 एनएचएम कर्मियों की होली पर संकट

रंगों के पर्व होली के करीब आते ही जहां बाजारों में रौनक बढ़ गई है, वहीं जिले में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों के घरों में चिंता का माहौल गहरा गया है। लगभग 750 कर्मचारी वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत ये स्वास्थ्य कर्मचारी वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन वेतन समय पर न मिलने से उनकी पारिवारिक स्थिति प्रभावित हो रही है। बीते माह भी कर्मचारियों को केवल 15 दिन का वेतन प्राप्त हुआ, जिससे दैनिक जरूरतों की पूर्ति कठिन हो गई है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि त्योहार के समय वेतन न मिलना कर्मचारियों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है। बढ़ती महंगाई के बीच घर खर्च, बच्चों की फीस, दवाइयां और ऋण की किश्तें चुकाना मुश्किल हो रहा है।

प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बनाए रखने वाले कर्मियों को ही वेतन के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित वेतन जारी करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि 01 दिसंबर 2025 को जिले को 15.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा स्वीकृत हुई थी, जिसमें वेतन भुगतान का प्रावधान शामिल था। इसके बावजूद वेतन के लिए पर्याप्त राशि आरक्षित न रखे जाने से वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है। जनवरी 2026 से लागू नई पे-डाटा व्यवस्था के बाद भी फरवरी 2026 का वेतन जारी नहीं हो पाया है।

27 फरवरी 2026 को संघ पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भेंट कर समस्या से अवगत कराया। साथ ही ओ. पी. चौधरी से हस्तक्षेप की मांग की गई है। रायगढ़ जिला के कलेक्टर को भी पत्र लिखकर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

मुख्य मांगें

फरवरी 2026 का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।

भविष्य में नियमित एवं स्थायी वेतन भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनकी परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि वे भी सम्मानपूर्वक होली का पर्व मना पाए।

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