यात्रियों की बढ़ती संख्या और भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में कोचिंग टर्मिनल के विस्तार की व्यापक योजना पर काम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत वर्ष 2030 तक रायपुर की रेलवे कोचिंग क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे ट्रेन परिचालन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रमुख शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार यात्रियों की भीड़ कम करने और देशभर में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इसी क्रम में रायपुर को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

वर्तमान में रायपुर स्टेशन से प्रतिदिन 122 कोचिंग ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें 76 मेल/एक्सप्रेस और 46 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए केंद्री (नया रायपुर) में एक वैकल्पिक कोचिंग टर्मिनल विकसित करने का प्रस्ताव है, जहां 9 प्लेटफॉर्म, पिट लाइन, स्टेबलिंग लाइन और आधुनिक शंटिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे नई ट्रेनों की शुरुआत और परिचालन को गति मिलेगी।
रायपुर क्षेत्र में चौथी रेल लाइन, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और खरसिया–परमालकसा रेल लाइन परियोजना जैसे कार्य प्रगति पर हैं, जो लाइन क्षमता बढ़ाने के साथ परिचालन को अधिक सुरक्षित और समयबद्ध बनाएंगे। वहीं दुर्ग में ₹50 करोड़ की लागत से वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो प्रस्तावित है, जिससे हाई-स्पीड ट्रेनों के रखरखाव को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही रायपुर रेलवे स्टेशन के मेजर रीडेवलपमेंट के तहत ₹463 करोड़ की लागत से स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें आधुनिक स्टेशन भवन, एयर कॉन्कोर्स, अलग-अलग आगमन एवं प्रस्थान फुट ओवर ब्रिज, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, फूड कोर्ट, पार्किंग, लिफ्ट-एस्केलेटर, दिव्यांगजन सुविधाएं और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
एकीकृत गतिशीलता योजना के तहत अटल पथ एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क, चौड़ी सड़कों का निर्माण और स्टेशन क्षेत्र का व्यावसायिक विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
रेलवे के इन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स से रायपुर आने वाले वर्षों में एक आधुनिक और सशक्त रेल केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे क्षेत्र के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
