दिव्य हनुमंत कथा को लेकर कोरबा में तैयारियां तेज, निगम ने संभाली कमान

नगर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने जा रहे 28 मार्च से प्रस्तावित “दिव्य हनुमंत कथा” के भव्य आयोजन की तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। आयोजन को ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और गरिमामय स्वरूप देने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कोरबा के सभी पार्षदों की महत्वपूर्ण बैठक पंचवटी विश्राम गृह में आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की विस्तृत रूपरेखा पर गंभीर मंथन किया गया।

बैठक में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, पेयजल आपूर्ति, पंडाल एवं मंच निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश सज्जा, श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था और नगर सौंदर्यीकरण जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रत्येक व्यवस्था के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन अनुशासित व भव्य रूप में संपन्न हो सके।

बैठक में महापौर संजू देवी, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, आयोजन समिति अध्यक्ष अमरजीत सिंह एवं सुबोध सिंह की विशेष उपस्थिति रही।

महापौर संजू देवी ने कहा कि “दिव्य हनुमंत कथा” केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कोरबा की सामूहिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का विराट प्रतीक बनेगी। उन्होंने सभी पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आयोजन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आयोजन पूरे नगर का उत्सव है और इसे ऐतिहासिक बनाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने आश्वस्त किया कि नगर निगम की ओर से हर स्तर पर पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता, जनजागरूकता और व्यवस्थाओं के समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

विशेष रूप से कलश यात्रा की जिम्मेदारी महिला पार्षदों द्वारा संभाले जाने की घोषणा से बैठक में उत्साह का वातावरण बन गया। नारी शक्ति की सहभागिता इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाएगी।

इस अवसर पर अपना घर सेवा आश्रम के संस्थापक राणा मुखर्जी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने नागरिकों से परिवार सहित सहभागिता की अपील करते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।

नगर में “दिव्य हनुमंत कथा” को लेकर श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कोरबा अब एक ऐसे धार्मिक महाउत्सव की तैयारी में जुटा है, जो आने वाले वर्षों तक स्मरणीय रहेगा।

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