निवेशकों की माँग अनुसार होगा पी.एम. मित्र पार्क में सुविधाओं का विकास"

Dhar जिले के भैंसोला में विकसित हो रहे पी.एम. मित्र पार्क के निवेशकों के साथ एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा एक स्टेक होल्डर्स कन्सल्टेशन बैठक का आयोजन इन्दौर में किया गया। जिसमें प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, भोपाल  राघवेंद्र कुमार सिंह,  प्रबंध संचालक, एम.पी.आई.डी.सी.  चन्द्रमौली शुक्ला,भोपाल से वी.सी. के माध्यम से जुड़े एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, इन्दौर संभाग एवं कार्यकारी संचालक, एम.पी.आई.डी.सी.  हिमांशु प्रजापति की टेक्निकल एवं सिविल की टीम के साथ-साथ ठेकेदार एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे। बैठक में पी.एम. मित्र पार्क के 35 इकाईयों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

       

                मध्यप्रदेश का पी.एम. मित्र पार्क 2158 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा है, यह पार्क देश का सबसे बड़ा पी.एम. मित्र पार्क है एवं एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रीजनल, नेशनल और इंटरनेशनल रोज शौ एवं कॉन्क्लेव के माध्यम से इस पार्क में उपलब्ध लगभग 1326 एकड़ औद्योगिक भूमि में से 1130 एकड़ भूमि सफलता पूर्वक कुल 38 इकाईयों की स्थापना हेतु निवेशकों को दो राउण्ड में आवंटित की जा चुकी है जिनके द्वारा 21,500 करोड़ से अधिक का निवेश एवं लगभग 55000 रोजगर के नए अवसर बदनावर क्षेत्र में सृजित होंगे।

           

           राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा सभा को यह अवगत कराया गया कि सामान्यतः लगने वाले समय के उलट एम.पी.आई.डी.सी. ने इस पार्क के विकास हेतु महत्त्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें की जून 2027 तक सभी मूलभूत अधोसंरचनाओं का विकास किया जाना है साथ ही दिसम्बर 2027 तक इकाईयों को निर्माण पूर्ण कर उत्पादन प्रारंभ करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही इनके द्वारा चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई एवं निवेशकों को हर एक चीज पारदर्शिता से उनके सामने रखने को कहा गया

चंद्रमौली शुक्ला द्वारा इकाईयों को साईट पर कार्य करने एवं अन्य किसी भी प्रकार की आवश्यकता को सिंगल विण्डो सिस्टम के तहत एम.पी.आई.डी.सी. की ओर से मदद उपलब्ध कराया जाएगा।

       संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा इकाईयों को सस्टेनेबेलिटी एवं नवीनीकृत ऊर्जा के उपयोग एवं क्षेत्र के क्षेत्रीय विकास आदि पर विशेष ध्यान दिए जाने हेतु आग्रह किया गया साथ ही यह कहा गया कि जिला प्रशासन की ओर से हर प्रकार का वांछित सहयोग प्रदान किया जायेगा।

      बैठक में  कार्यकारी संचालक एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रीय कार्यालय इन्दौर हिमांशु प्रजापति द्वारा अवगत कराया गया कि 2063 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले पी.एम. मित्र पार्क में अधोसंरचना विकास को पाँच पैकेज में विभाजित किया गया है, साथ ही पार्क के कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे कि सड़क, पानी, बिजली, ड्रेनेज लाईन आदि के लिए 773 करोड़ की निविदा जारी कर एजेंसी के द्वारा मौके पर तीव्रता से कार्य किया जा रहा है।

     

शेष सुविधाएं जैसे कि कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेन्ट प्लान्ट, रेसीडेंशल कॉम्पलेक्स, कॉमन स्टीम बॉयलर, प्लग एण्ड प्लै शेड़, स्कूल, आई.टी.आई., अस्पताल, अनुशांगिक गतिविधियां आदि हेतु लगाए जाने वाले टेण्डर से पूर्व इकाईयों से उनकी आवश्यकताएँ जानी जाएगी जिससे कि अधोसंरचना का अधिकतम उपयोग हो सके। साथ ही सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन फेसिलिटी, रिसर्च एण्ड डेव्हलपमेन्ट फेसिलिटी, स्कील्ड मेन पॉवर की आवश्यकता एवं उनके प्रशिक्षण, वेस्ट मैनेजमेन्ट लॉजिस्टिक हब एवं एनसिलेरी इकाईयों के विकास के संबंध में भी निवेशकों से चर्चा की गई।

     उपस्थित इकाईयों द्वारा खुलकर अपने सुझाव एम.पी.आई. डी.सी. को दिए गए जिसमें मुख्य रूप से बिजली, सी.ई.टी.पी., हाईवे कनेक्टिविटी एवं आवासीय सुविधाओं का मुद्दा शामिल था। एम.पी.आई.डी.सी. के इस प्रयास की सभी निवेशकों द्वारा सराहना की गई एवं निवेशकों द्वारा अलग-अलग सुविधाओं हेतु समूह बनाकर विशेषज्ञों की सलाह लेकर सटीक इनपुट एम. पी.आई.डी.सी. को एक सप्ताह के भीतर प्रदान किया जायेगा जिससे कि पार्क के अन्दर एक अच्छी एवं उपयोगी अधोसंरचना विकसित की जा सके।

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