जवाली में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, 40 दिनों में 62% कार्य पूर्ण

धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत धान खरीदी कार्य तेजी से जारी है। इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम जवाली में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से टोकन प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। निर्धारित समय सीमा 31 जनवरी तक है, जिसमें अब मात्र 13 दिन शेष हैं।

 

40 दिनों में 62 प्रतिशत खरीदी पूरी

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 40 दिनों में कुल 62 प्रतिशत धान खरीदी का कार्य संपन्न हो चुका है। जवाली स्थित 3054 समिति में प्रतिदिन औसतन 1350 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। इस गति को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष धान खरीदी की मात्रा पिछले वर्ष के बराबर या उससे अधिक हो सकती है।

 

खरीदी के आंकड़े और किसानों की सहभागिता

अब तक कुल 9 सप्ताह में से 32 कार्यदिवसों में धान खरीदी की गई है।

कुल खरीदी: 26,410.40 क्विंटल

कुल बोरे: 66,026

कुल किसान: 550

37 किसानों ने दो से तीन बार धान विक्रय किया

टोकन व्यवस्था में किसानों की जागरूकता बढ़ी है।

375 किसानों (64%) ने मोबाइल टोकन के माध्यम से धान विक्रय किया

213 किसानों (36%) के टोकन समिति द्वारा काटे गए

 

रकबा समर्पण और गुणवत्ता नियंत्रण

इस वर्ष 321 कृषकों द्वारा 73.970 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया गया है, जो कुल मिलाकर 61.02 प्रतिशत है।

गुणवत्ता नियंत्रण के तहत प्रतिदिन लगभग 20 प्रतिशत अमानक धान को पंचनामा बनाकर वापस किया जा रहा है। अब तक 107 कृषकों के 360 बोरे (144 क्विंटल) अमानक धान को लौटाया जा चुका है। यह कार्य नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में फड़ प्रभारी एवं प्रबंधक द्वारा किया जा रहा है।

 

सीमित लिमिट से किसानों को परेशानी

धान खरीदी की लिमिट सीमित होने के कारण शेष किसानों को पुनः टोकन कटवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन मोबाइल टोकन बंद होने के बाद किसान पुनः समिति पहुंच रहे हैं।

भौतिक सत्यापन के बाद आगामी दिनों में:

जवाली समिति में लगभग 50 किसान (1000 क्विंटल)

रंजना उपकेंद्र में लगभग 1250 क्विंटल धान के लिए टोकन काटे जाने शेष हैं।

 

नियमों की सख्ती से प्रभावित किसान

शासन के निर्देशों के अनुसार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, किंतु पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष नियम अधिक सख्त होने से कई किसान प्रभावित हुए हैं।

एग्रीस्टेट पंजीयन, वारिसान पंजीयन, डीसीएस फसल गिरदावरी और रकबा कम होने जैसी समस्याओं के कारण अनेक किसानों को कम रकबे का टोकन लेकर ही धान विक्रय करना पड़ा।

आगामी खरीदी और ऋण वसूली की तैयारी

आगामी दिनों में अनुमानित खरीदी:

जवाली समिति: 55 किसान – 1100 क्विंटल

रंजना उपकेंद्र: 35 किसान – 1250 क्विंटल

अब तक 65.17 प्रतिशत किसानों से लिंकिंग राशि की वसूली की जा चुकी है। कुल 550 किसानों द्वारा धान बिक्री की गई है, जिसमें 56 किसानों के टोकन का भौतिक सत्यापन संबंधित पटवारियों द्वारा किया गया।

शेष दिनों में ऋणी किसानों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क कर पूर्ण ऋण वसूली सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है।

 

13 दिनों में शेष खरीदी की चुनौती

खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी होने के कारण शेष बचे 13 दिनों में लिमिट टोकन के अनुसार धान खरीदी पूरी करना समिति और किसानों दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है। शासन द्वारा तिथि बढ़ाने के संकेत नहीं मिलने से किसान समय रहते टोकन कटवाने और धान विक्रय की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं।

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