कोंडागांव, 18 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक–समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर कोंडागांव जिले के शिक्षकों ने शनिवार को नगर के चौपाटी मैदान में चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में एकदिवसीय आंदोलन किया। इस दौरान शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए विशाल रैली निकाली तथा राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

आंदोलन के दौरान फेडरेशन ने सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर मोदी की गारंटी लागू करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त एलबी संवर्ग को समस्त लाभ प्रदान करने, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु राज्य शासन द्वारा पहल करने तथा स्वयं के मोबाइल फोन पर VSK एप के माध्यम से उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।
जिला अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि सहायक शिक्षक वर्षों से वेतन विसंगति का दंश झेल रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने शासन से मांग की कि मोदी की गारंटी के तहत सभी एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए और पूर्व सेवा की गणना करते हुए सभी लाभ प्रदान किए जाएं।
जिला उपाध्यक्ष अरुण दीवान ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद भी शिक्षकों को पदोन्नति और सेवा में बने रहने के लिए टीईटी की अनिवार्यता का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर राज्य शासन को आवश्यक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर शिक्षकों को आपत्ति नहीं है, लेकिन स्वयं के निजी मोबाइल फोन पर VSK एप इंस्टॉल कर उपस्थिति दर्ज कराने से व्यक्तिगत समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए इसके लिए अलग से डिवाइस या सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन को प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती नेमी सिन्हा, प्रदेश महामंत्री रोशन सहारे, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष दीपिका मसराम, उपाध्यक्ष इंदिरा साहू, जिला संयोजक शंकर लाल नेताम, अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन अध्यक्ष शिवराज सिंह ठाकुर, रामचंद्र सोनवंशी, कंवलसाय मरकाम, जिला प्रवक्ता दीपक नायक, शिव शर्मा, भरत नागवंशी, विद्या पटेल, बनोज लावत्रे, ब्लॉक अध्यक्ष नीलम मेश्राम, महेंद्र नेताम सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस आंदोलन में ब्लॉक अध्यक्ष उपेन्द्र कोमा, जिला पदाधिकारी तरुण ठाकुर, धनसाय नेताम, प्रेमलाल यादव, छगन लाल पटेल, पूनम तिवारी, बाबूलाल पांडे, हितेंद्र पांडे, चंद्रभान बघेल, रामू सिन्हा, मेषराम सेन सहित जिले के हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।
आंदोलन को छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की, जिससे शिक्षकों का उत्साह और अधिक बढ़ा।
