कोंडागांव, 9 मार्च 2026 | एक ओर जहां कल पूरे देश में महिलाओं के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, वहीं आज कोंडागांव में महिलाओं को अपने हक और अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत कार्यरत सक्रिय महिला सीआरपी, कृषि सखी और पशु सखी महिलाओं ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
नगर के डीएनके मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के पश्चात दोपहर को सैकड़ों महिलाओं ने रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि उन्हें वर्तमान में मात्र ₹1910 मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि मानदेय को बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह किया जाए और इसे छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के दायरे में लाया जाए।
प्रमुख मांगें:
मानदेय ₹1910 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह किया जाए।
वर्षों से कार्यरत महिलाओं का नियमितीकरण कर नियुक्ति पत्र दिया जाए।
ऑनलाइन कार्य के लिए मोबाइल, इंटरनेट खर्च और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
विभागीय कार्यों के अलावा स्वच्छता अभियान और आयुष्मान कार्ड जैसे अतिरिक्त कार्यों का बोझ हटाया जाए।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन और रैली में बिहान सक्रिय महिला संघ की जिला अध्यक्ष मधुबाला बोरकर, उपाध्यक्ष भावना परासर, सचिव हेमंतिन नाग, पशु कृषि संघ के जिला अध्यक्ष बासन नेताम, जिला सचिव भाग्यलक्ष्मी तथा कोंडागांव ब्लॉक सचिव जानकी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
