Anp News कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। होटल गणेश इन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
महिलाओं को मिलेगा नीति-निर्माण में अधिकार
सरोज पांडेय ने कहा कि वर्षों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया, लेकिन उन्हें वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हो पाया है कि महिलाओं को अब नीति-निर्माण में समान भागीदारी का अवसर मिलेगा।
नारी शक्ति वंदन” बना बदलाव की नींव
उन्होंने बताया कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का मजबूत आधार है। यह आने वाले समय में राजनीति और समाज में व्यापक बदलाव लाएगा और महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाएगा।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” से बदली सोच
सरोज पांडेय ने कहा कि सरकार द्वारा पहले चलाए गए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है। एक समय था जब बेटियों के जन्म को बोझ समझा जाता था, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने से स्थिति में सुधार हुआ है और महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ रही है।
जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
