राजनांदगांव।जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के सचिव डॉ. प्रकाश शर्मा ने छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत तीसरे वर्ष के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बजट में किए गए दावे और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जो योजनाएं कागज़ों में आकर्षक दिखाई जा रही हैं, वे धरातल पर कितना परिणाम दे पाएंगी — यह सबसे बड़ा सवाल है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बजट में घोषित अनेक योजनाएं और चुनावी वादे अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाए हैं, जिससे प्रदेश के विभिन्न वर्गों में निराशा और असंतोष का वातावरण बना हुआ है। उनका कहना है कि इस बार के बजट में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि, किसानों के हित, महिला सशक्तिकरण, महंगाई,बेरोजगारी और लघु उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती।
उन्होंने आरोप लगाया कि केवल बड़े-बड़े विकास दावे करने से वास्तविक प्रगति नहीं होती। जब तक योजनाओं का लाभ आम जनता तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंचेगा, तब तक ऐसे बजट को सार्थक नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश आर्थिक दबाव और बढ़ते कर्ज की चुनौती का सामना कर रहा है, जो चिंताजनक स्थिति है।
अपने जारी इस बयान में डॉ. शर्मा ने निष्कर्ष रूप में कहा कि बजट में विकास के दावे भले ही बड़े हों, परंतु उनकी वास्तविक सफलता का आकलन तभी होगा जब उसका सकारात्मक प्रभाव आम नागरिक के जीवन में व धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
