कोरबा। कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत तुमान में विधानसभा स्तरीय मनरेगा बचाव संग्राम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा योजना गरीबों, किसानों और श्रमिकों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित बदलावों से मनरेगा का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।
सांसद महंत ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी, लेकिन अब इसे सरकार की मर्जी से दिए जाने वाले लाभ में बदलने की कोशिश की जा रही है। इससे श्रमिकों का काम करने का अधिकार छीना जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा में तय न्यूनतम मजदूरी और हर साल होने वाली बढ़ोतरी की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है, जिससे मजदूरों का मज़दूरी पाने का अधिकार भी खतरे में है।
ज्योत्सना महंत ने आरोप लगाया कि नए बदलावों के तहत ग्राम पंचायतों के अधिकार समाप्त कर ठेकेदारों को सौंपे जा रहे हैं, जिससे गांवों का विकास दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए तय होगा। साथ ही राज्य सरकारों पर आर्थिक बोझ डालते हुए मजदूरी का 40 प्रतिशत भुगतान करने की जिम्मेदारी राज्यों पर थोपने की तैयारी की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मनरेगा बचाव संग्राम की चार प्रमुख माँगें रखी गईं—
1.काम, मज़दूरी और जवाबदेही की गारंटी
2.मनरेगा में किए गए सभी बदलावों की तत्काल वापसी
3.काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली
4.न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन
इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष का संकल्प लिया गया।
