विश्रामपुरी/कोंडागांव, 21 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। कोंडागांव जिले के विकासखंड बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बालेंगा (राहटीपारा) की लिंगो घोटुल मांदरी नाचा पार्टी ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति लोक कला महोत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।

यह आयोजन जनजातीय गौरव दिवस 2025 के अवसर पर किया गया था, जिसमें देश की राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और विजेता दल को सम्मानित किया। यह गौरवपूर्ण क्षण पूरे कोंडागांव जिले के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
सम्मानित प्रदर्शन, अद्भुत ताल और संस्कृति की छाप
उपखंड हरवेल के सहादेव नेताम के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों, नृत्य शैली और सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीत लिया। दल को आदिम जाति कल्याण विभाग, कोंडागांव द्वारा प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु भेजा गया था।
स्थानीय प्रतिनिधियों ने जताया गर्व
ग्राम पंचायत बालेंगा (राहटीपारा) के सरपंच सुकमन मरकाम ने कहा—“यह सिर्फ बालेंगा की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे कोंडागांव जिले का सम्मान है। पहली बार हमारे गांव के दल को राष्ट्रपति के हाथों प्रथम पुरस्कार मिला है, जो हम सबके लिए गर्व की बात है।”
गोंडवाना उपखंड हरवेल के सचिव महेश नेताम ने भी नाचा पार्टी को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में मिला भव्य सम्मान

कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ ही राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्री दुर्गा दास उइके, सांसद तोखन साहू, एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
संस्कृति को मिली नई पहचान
यह उपलब्धि न केवल नाचा पार्टी की कला और परंपरा का सम्मान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जीवंत जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।
कोंडागांव जिले ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यहां की संस्कृति, परंपरा और प्रतिभा विश्व स्तर पर छाप छोड़ने की क्षमता रखती है।
