युवाओं के लिए ऋण मंजूरी में तेजी लाने के निर्देश

जिले में शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की तिमाही बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बेरोजगार एवं इच्छुक युवाओं द्वारा प्रस्तुत ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करते हुए अधिकतम संख्या में ऋण स्वीकृत किए जाएँ, ताकि युवा स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने विशेष रूप से पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के ऋणों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने पर बल दिया।

बैठक का संचालन एलडीएम कृष्ण भगत ने किया। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों का स्वागत करते हुए बैठक के एजेंडे की जानकारी दी।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अतिरिक्त कलेक्टर ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी.आर. भारद्वाज, आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो, नाबार्ड डीडीएम एस.के. प्रधान, महाप्रबंधक (DITC) विजय कुमार करे, डीएमएम अनुराग जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

कलेक्टर दुदावत ने शासन प्रायोजित योजनाओं (GSS) के अंतर्गत निर्धारित वार्षिक ऋण लक्ष्यों को फरवरी 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण उपलब्ध होने से युवाओं, किसानों एवं सूक्ष्म उद्यमियों को आर्थिक संबल मिलेगा और जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सभी बैंक शाखा प्रबंधकों ने निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत लंबित दावों का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि हितग्राहियों के परिजनों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो ने आगामी फाइनेंशियल लिटरेसी वीक के प्रभावी आयोजन पर प्रकाश डालते हुए बैंकों से जिले के नागरिकों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

नाबार्ड के डीडीएम एस.के. प्रधान ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, विशेषकर कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन को प्रोत्साहित करने की बात कही।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी बैंक पीएम सूर्यघर योजना के तहत अधिकतम संख्या में ऋण स्वीकृत कर निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूर्ण करें। वहीं मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में केसीसी ऋण वितरण बढ़ाने हेतु बैंकों से सहयोग का अनुरोध किया।

अंत में कलेक्टर दुदावत ने कोरबा को अस्पिरेशनल जिला बताते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास में बैंकिंग संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंकों से शासन की योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करने की अपील की।

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