13 महीने का होगा हिंदू नव वर्ष, 58 दिन का जेठ, इसलिए 13 जुलाई के बाद त्योहारों में 12 से 20 दिन का रहेगा अंतर

कोरबा। संवादाता 

हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो गई है। इसका नाम रौद्र संवत्सर होगा। यह साल 13 महीने का होगा। इस बार ज्येष्ठ महीना दो माह का 17 मई से 13 जुलाई तक 58 दिन का होगा। इसमें 17 मई से 15 जून तक अधिक ज्येष्ठ (पहला महीना) और 16 जून से 13 जुलाई तक निज ज्येष्ठ रहेगा। इसी वजह से जुलाई के बाद आने वाले त्योहारों में पिछले साल यानी 2025 की तुलना में इस बार 2026 में 12 से 20 दिन का अंतर रहेगा। इस बार धनतेरस दो दिन पड़ेगी, जो खरीदी-बिक्री की दृष्टि से अत्यंत शुभ और लाभकारी है। वहीं नरक चौदस और दीपावली एक ही दिन मनाई जाएगी। इसके एक दिन के अंतराल के बाद गोवर्धन पूजा और भैया दूज मनाया जाएगा। संवत चंद्र वर्ष के अनुसार चलता है। यानी साल 354 दिन का होता है। इसमें अधिक दिनों को बढ़ाने का प्रावधान नहीं है। इसी वजह से हर साल 11 दिन घटते चले जाते हैं। ईद, बकरीद, समेत मुसलमानों के हर त्योहार 11 दिन आगे बढ़ते चले जाते हैं।
ईस्वी सन में हर 4 साल में लीप ईयर होता है। ईस्वी सन् यानी अंग्रेजी कैलेंडर में एक साल 365 दिन और 6 घंटे का होता है। इस छह घंटे हर चार साल में फरवरी के महीने में जोड़ा जाता है। इसीलिए हर चार साल में फरवरी का महीना 29 दिन का होता है।


क्यों हर ढाई साल में बढ़ जाता है विक्रम संवत का कोई भी महीना


ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सौर वर्ष यानी सूर्य के दिन 365 दिन का होता है और चंद्र वर्ष 354 दिन के। इस 11 दिन के अंतर को हर 32 महीने और 16 दिनों में एक अतिरिक्त महीने के रूप में जोड़ा जाता है। इसी के अनुसार हमारे व्रत और त्योहार तय होते हैं। इसके हिसाब से कहा जा सकता है कि अगला अधिवर्ष सन् 2028 में अगहन महीने होगा। इस तरह ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष का समायोजन हर दो साल और साढ़े 3 महीने में किया जाता है।


रौद्र संवत्सर में इन तिथियों पर गूंजेगी शहनाइयां


अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29, मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14, जून 19, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29, जुलाई 1, 6, 7, 11 और 12, नवंबर: 20,21, 24, 25, 26, दिसंबर 2, 3. 4, 11 और 121 जनवरी 2027: 19, 23, 24, 25, 26, 30, 31, फरवरी 2, 9, 10, 15, 16, 27 और 28 माच:र् 1, 2, 9 और 10।

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