रायगढ़ में भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा : श्रद्धा, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम

नटवर स्कूल प्रांगण से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा

रायगढ़ /भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा शहर के नटवर स्कूल प्रांगण से विधिवत प्रारंभ हुई। यात्रा में हजारों की संख्या में रामभक्त शामिल हुए और पूरे मार्ग में जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे। शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए गांधी प्रतिमा तिराहा, एमजी रोड, रामनिवास टाकिज चौक, सिल्वर पैलेष तिराहा, गौरीशंकर मंदिर, न्यू मार्केट तिराहा, सुभाष चौक, गद्दी चौक, कोष्टापारा तिराहा, चांदनी चौक, गांजा चौक, हटरी चौक, सिटी कोतवाली, हण्डी चौक और घड़ी चौक से गुजरते हुए रामलीला मैदान पहुँची।

शाम होते-होते शहर के मुख्य मार्गों पर उमड़ा जनसैलाब

शाम 6 बजे के बाद शहर की मुख्य सड़कों पर इतनी भीड़ उमड़ी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को कई स्थानों पर रूट डायवर्ट करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद रामभक्तों का उत्साह लगातार बढ़ता रहा। पूरे मार्ग में अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

जनप्रतिनिधियों ने लिया भगवान राम का आशीर्वाद

इस भव्य आयोजन में प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, उमेश अग्रवाल तथा महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने यात्रा में शामिल होकर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया।

देशभर से आए कलाकार बने आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष की शोभायात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने विशेष आकर्षण प्रस्तुत किया। पंजाब से आए पाइप बैंड ने अपनी मधुरUploaded Image धुनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं कालाहांडी से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘कटप्पा’ नृत्य ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कोलकाता से आए कलाकारों ने हास्य प्रस्तुतियों और आकर्षक झांकियों के माध्यम से बच्चों और बड़ों सभी का मनोरंजन किया।

छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की झलक ने बढ़ाई शोभा

शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी पूरी गरिमा के साथ दिखाई दी। सुआ नृत्य, पंथी नृत्य तथा आदिवासी नृत्य दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों नेUploaded Image राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि और लोक परंपराओं की सुंदर छवि प्रस्तुत की।

अखाड़ेबाजी और डीजे की धुन पर झूमे युवा

यात्रा के दौरान युवाओं ने सड़कों पर रोमांचक अखाड़ेबाजी का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए लोग जगह-जगह रुककर उत्साह से तालियां बजाते रहे। डीजे की भक्तिमय धुनों पर रामभक्त झूमते नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में ऊर्जा और उल्लास बना रहा।

सामाजिक संस्थाओं ने लगाए भंडारे और प्याऊ

बढ़ती गर्मी को देखते हुए शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा मार्ग में कई स्थानों पर भंडारे और प्याऊ लगाए गए। श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, नींबू पानी, शरबत, दाल-चावल आदि की व्यवस्था की गई। इस सेवा कार्य ने आयोजन को और अधिक मानवीय एवं सहयोगात्मक रूप दिया।

60 से अधिक समाजों की भागीदारी बनी एकता का प्रतीक

वर्ष 2014 में 54 समाजों के साथ प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा आज 60 से अधिक बिरादरी और संस्थाओं की सहभागिता तक पहुँच चुकी है। यह आयोजन अब शहर की सामाजिक एकजुटता और धार्मिक समरसता का बड़ा प्रतीक बन चुका है।

महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

देर रात रामलीला मैदान में महाप्रसाद वितरण के साथ इस भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने पूUploaded Imageरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन में भाग लिया और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान रहा।

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