पाली महोत्सव 2026 का भव्य समापन: कनिका कपूर, अनुज शर्मा और दीपक साहू ने बांधा समां

संस्कृति, भक्ति और बॉलीवुड संगीत के संगम से गूंजा पाली महोत्सव मैदान

 

पाली/कोरबा। दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 का समापन रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा, भक्ति संगीत और बॉलीवुड की चमक से सजा यह समारोह दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं का भरपूर आनंद लिया।

 

अनुज शर्मा ने भक्ति और लोकसंगीत से मोहा मन

छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक अनुज शर्मा ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्ति गीतों “राम सिया राम” और “आरुग दिया ला जलाए” से की। इसके बाद उन्होंने अपनी चर्चित फिल्मों छुइंया भुइयां और झन भूलो मां बाप ला के गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और हिंदी गीतों का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिससे पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा।

 

दीपक साहू की ऊर्जावान प्रस्तुति ने बढ़ाया उत्साह

छालीवुड के सुपरस्टार दीपक साहू ने अपने शानदार नृत्य और स्टेज प्रजेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीतों पर उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया।

उनके हर कदम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक दिखाई दी, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

 

कनिका कपूर ने छेड़ी सुरों की महफिल

बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका कनिका कपूर ने अपनी मधुर आवाज से समापन समारोह को खास बना दिया। उन्होंने “काला चश्मा”, “चंद दी कुड़ी”, “नखरा तीखी तलवार वरगा” और “ब्राउन मुंडे” जैसे सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

उनकी स्टेज प्रेजेंस और ऊर्जावान प्रस्तुति ने महोत्सव को यादगार बना दिया।

 

स्थानीय कलाकारों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

समारोह में सोनू भाठिया एंड ग्रुप द्वारा जसगीत, चिराग शुक्ला एंड बैंड की भावपूर्ण प्रस्तुति, थिरमन दास की छत्तीसगढ़ महतारी वंदना और धारा सोनवानी के सांस्कृतिक गीतों ने कार्यक्रम में विविधता भरी।

सूफी गायक राहुल ठाकुर बैंड (रायपुर), ज्योति बोहिदार वैष्णव का कत्थक नृत्य और स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने समापन समारोह को उत्सवमय बना दिया।

 

शास्त्रीय संगीत की मधुर प्रस्तुति ने बांधा समां

इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति एवं प्रख्यात सितार वादक प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने राग सरस्वती की मनमोहक प्रस्तुति से वातावरण को शास्त्रीय संगीत की मधुरता से भर दिया।

वहीं विख्यात संतूर वादक डॉ. विपुल राय ने अपनी संतूर की मधुर धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना पाली महोत्सव

पाली महोत्सव 2026 का समापन भक्ति, संस्कृति और मनोरंजन के भव्य संगम के रूप में हुआ। सभी कलाकारों ने जिला प्रशासन और पालीवासियों के स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।

यह महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने में सफल रहा और दर्शकों के मन में यादगार छाप छोड़ गया।

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