होली के पावन पर्व पर शराब दुकानें खोलने के निर्णय को लेकर उठे विरोध के बाद राज्य सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए होली के दिन शराब दुकानें बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है। विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों में खबर प्रकाशित होने तथा जनभावनाओं के मुखर होने के बाद सरकार ने यू-टर्न लेते हुए होली को ड्राई डे घोषित किया।
इस मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने पहले ही होली के दिन शराब दुकानें बंद रखने की मांग की थी। उन्होंने सरकार के पूर्व निर्णय को अजीबो-गरीब बताते हुए कहा था कि जब होली पर अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहते हैं, ऐसे में केवल शराब दुकानों को खुला रखना सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से उचित नहीं है।
फैसला बदलने पर प्रतिक्रिया देते हुए नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह जनभावना और सामाजिक दबाव की जीत है। उनके अनुसार होली प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का त्योहार है, इसलिए इस दिन शराब की बिक्री से अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है। जब सामाजिक सरोकार से जुड़ा मुद्दा संगठित रूप से उठाया जाता है, तो सरकार को पुनर्विचार करना पड़ता है। होली को ड्राई डे घोषित किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे समाज की जागरूकता और सकारात्मक सोच की विजय बताया।
