कोंडागांव, 21 मार्च 2026 | कभी नक्सलियों के डर और दुर्गम रास्तों के कारण जहां विकास की रफ्तार थमी हुई थी, आज वही कोंडागांव जिला तेजी से बदलती तस्वीर पेश कर रहा है। जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल था, वहां अब पक्की सड़कों का जाल बिछ रहा है। नक्सलियों के आत्मसमर्पण, पुलिस की सख्ती और प्रशासन के बेहतर तालमेल ने विकास कार्यों को नई गति दी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में फेज-1 से फेज-3 तक कुल 778 कार्यों के माध्यम से लगभग 1495 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं फेज-4 में 171 किलोमीटर लंबाई के 35 मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है, जिसमें नक्सल प्रभावित और लंबे समय से लंबित मार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।

वर्ष 2016-17 में स्वीकृत कुधुर-तुमड़ीवाल और कुधुर-हड़ेली मार्ग नक्सली प्रभाव के चलते वर्षों तक अधूरे रहे। अब 2026 में पुलिस सुरक्षा के बीच इनका निर्माण तेजी से किया जा रहा है। घने जंगलों से गुजरने वाली ये सड़कें अब ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बनती जा रही हैं।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुलिस की सक्रियता से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा का माहौल बना है। नए पुलिस कैंप, थाने और चौकियों के कारण विकास कार्यों में तेजी आई है। कुधुर से तुमड़ीवाल तक 11 किलोमीटर सड़क लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि 30 अन्य मार्गों पर कार्य जारी है।
एसपी पंकज चंद्रा ने कहा कि तुमड़ीवाल, कुधुर और हड़ेली क्षेत्र कभी नक्सलियों के गढ़ थे। वर्ष 2007 में कुधुर में 9 जवानों की शहादत इस क्षेत्र की गंभीर स्थिति को दर्शाती है. पुलिस की सतत कार्यवाही से हालात बदल गए हैं, सड़क निर्माण तेजी से हो रहा है।
अब तक जिले के 1053 गांव और 411 पंचायतें सड़क नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण जीवन और विकास पर देखने को मिल रहा है।
