जिले को वर्ष 2030 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान को गति दी जा रही है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में जिला फाइलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी तथा जिला स्तरीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोइंग पहुंचकर अभियान का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दवा वितरण केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि अभियान निर्धारित समयसीमा में प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
1.55 लाख से अधिक हितग्राहियों को कवर करने का लक्ष्य
डॉ. कुलवेदी ने बताया कि लोइंग क्षेत्र में कुल 1,55,424 नागरिकों को दवा खिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है—
10 से 12 फरवरी: आंगनवाड़ी, स्कूल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जा रहा है। स्कूलों में प्रत्येक शिक्षक को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
13 से 22 फरवरी: मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर नागरिकों को दवा खिलाएंगे।
23 से 25 फरवरी: मॉप-अप राउंड के माध्यम से छूटे हुए व्यक्तियों को कवर किया जाएगा।
लिंफेदमा और हाइड्रोसील का अपडेट डेटा
मितानिन और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में लिंफेदमा (हाथीपांव) एवं हाइड्रोसील के नए और पुराने प्रकरणों की अद्यतन जानकारी जिला मलेरिया अधिकारी को भेजें, ताकि सटीक निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
निर्धारित खुराक और सावधानियां
अभियान के तहत डी.ई.सी., एलबेंडाजोल और ईवरमेक्टिन की दवाएं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में सेवन कराई जा रही हैं।
▪️ 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी।
▪️ 2 से 5 वर्ष, 6 से 14 वर्ष एवं 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए ऊंचाई के अनुसार खुराक तय की गई है।
डॉ. कुलवेदी ने स्पष्ट किया कि दवा खाली पेट न लें और एलबेंडाजोल को चबाकर खाएं। दवा सेवन के बाद हल्का सिरदर्द या खुजली होना सामान्य प्रतिक्रिया है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. हितेश जायसवाल, डॉ. कविता जायसवाल, डॉ. मानकेशरी जोशी, कविता कसेरा, अशोक कुमार, गौतम सिदार सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।
जनअपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि हाथीपांव जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से बचाव के लिए शासन द्वारा दी जा रही निःशुल्क दवा का सेवन अवश्य करें। सामूहिक सहभागिता से ही वर्ष 2030 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
