जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में आज जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत रोजगार दिवस तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और हितग्राही शामिल हुए।
आयोजन के दौरान ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही हितग्राहियों को आवास निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं, किश्तों की जानकारी और निर्माण कार्य में आने वाली समस्याओं के समाधान के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने हितग्राहियों से संवाद करते हुए उन्हें बताया कि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर ग्राम पंचायत अथवा संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर समाधान प्राप्त किया जा सकता है। जल संचय के साथ सोकपिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, आजीविका डबरी निर्माण की भी जानकारी दी गई।
इस दौरान क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी नरेगा तथा विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम 2025 से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों और नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, जिससे वे शासन की योजनाओं से आसानी से जुड़ सकें। रोजगार दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई तथा ग्रामीणों को उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि नरेगा मजदूरी भुगतान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किश्तों की राशि शीघ्र ही भारत सरकार से प्राप्त होने वाली है, जिससे हितग्राहियों को राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित समस्याओं की जानकारी लेकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। साथ ही युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से संतृप्तता आधारित ग्राम पंचायतों की आदर्श प्लानिंग तथा विकसित भारत जी-राम जी योजना के क्रियान्वयन की जानकारी साझा की गई। चावल महोत्सव के अवसर पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
