बालको के ‘उन्नति उत्सव’ में महिला सशक्तिकरण की गूंज

वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा ‘उन्नति परियोजना’ के अंतर्गत वार्षिक ‘उन्नति उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्व सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं सहित 800 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जा और उत्साह से भर उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार और बालको लेडिज क्लब की अध्यक्ष मनीषा कुमार सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्सव के दौरान वेदांता स्किल स्कूल, ‘मोर जल मोर माटी’, ‘आरोग्य’, ‘उन्नति’, तीरंदाजी एवं ‘नंद घर’ जैसे विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जहां बालको की सामुदायिक विकास गतिविधियों की जानकारी दी गई। मिट्टी के बर्तन बनाने और कोसा सिल्क से साड़ी बुनाई जैसे स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में 15 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। इस दौरान ‘कोसाकारी’ ब्रांड की फिल्म और वेबसाइट का अनावरण किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय कोसा सिल्क को वैश्विक पहचान दिलाना है। साथ ही महिलाओं की सफलता पर आधारित ‘उन्नति महासंघ’ की पहली पत्रिका ‘सृष्टि’ का विमोचन भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा नृत्य सहित विभिन्न प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक ने सामाजिक मुद्दों पर सशक्त संदेश दिया, वहीं वेदांता स्किल स्कूल की छात्राओं के फ्लैश मॉब ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण समापन दिया।

अपने संबोधन में राजेश कुमार ने कहा कि ‘उन्नति उत्सव’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ‘उन्नति परियोजना’ का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है।

उन्नति महासंघ की सीईओ अनुराधा सिंह ने बताया कि यह पहल महिलाओं को उद्यमिता और स्थायी आजीविका से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। वहीं मनीषा कुमार ने कहा कि यह परियोजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला रही है।

उल्लेखनीय है कि ‘उन्नति परियोजना’ के तहत 561 से अधिक स्व सहायता समूहों से जुड़ी 6,000 से ज्यादा महिलाएं विभिन्न प्रशिक्षणों का लाभ उठा रही हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बालको की यह पहल समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रही है।

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