जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा ने किया मक्का फूड प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण

 

पांगरीकला में ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

छुरिया : छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत पांगरीकला में 53 एकड़ जमीन को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को उद्योग के लिए आबंटित किया गया है, विभाग द्वारा उद्योग हेतु पॉपकोर्निका प्राइवेट लिमिटेड को 3 एकड़ भूमि आबंटित की गई है,चल रहे उद्योग निर्माण कार्य का निरीक्षण करने जनपद पंचायत छुरिया के अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा,श्रीमती अंजली धावड़े जनपद सदस्य, सामसाय सेंद्राम सरपंच पांगरी, राजेश्वर ध्रुवे,नैनसिंह पटेल मौजूद रहे । जिस स्थान पर उद्योग स्थापित किया जा रहा है, जहां पर कारखाना लगभग पूर्णता कि ओर है, इस उद्योग से छुरिया अंचल सहित प्रदेश के अलग अलग स्थानों में किसानों द्वारा उपार्जित मक्का न केवल हमारे किसानों की आय बढ़ा सकता है, बल्कि हमारे क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और वह विषय है “मक्का फूड प्रोसेसिंग यूनिट के फायदे”। साथियों, मक्का हमारे देश की एक महत्वपूर्ण फसल है। हमारे छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में किसान बड़े पैमाने पर मक्का की खेती करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि किसान कच्चा मक्का बेचते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। अगर हम इसी मक्का को प्रोसेस करके बाजार में बेचें, तो उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है। मक्का फूड प्रोसेसिंग यूनिट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कच्चे माल का मूल्य बढ़ता है। उदाहरण के तौर पर, साधारण मक्का को प्रोसेस करके हम पॉपकॉर्न, कॉर्न फ्लेक्स, कॉर्न फ्लोर और कई प्रकार के स्नैक्स बना सकते हैं। ये सभी उत्पाद बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं। दूसरा महत्वपूर्ण लाभ है रोजगार का सृजन। जब हम गांव या छोटे शहर में प्रोसेसिंग यूनिट लगाते हैं, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता है। इससे पलायन भी कम होता है और गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथियों, आज के समय में लोगों की जीवनशैली बदल रही है। लोग रेडी-टू-ईट और पैकेज्ड फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में मक्का से बने उत्पादों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। यह हमारे लिए एक बेहतरीन व्यवसायिक अवसर है। इसके अलावा, प्रोसेस किए गए उत्पादों की शेल्फ लाइफ अधिक होती है, जिससे उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और नुकसान की संभावना कम होती है। मक्का फूड प्रोसेसिंग यूनिट केवल एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और हमारे क्षेत्र के विकास का एक मजबूत माध्यम है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है,किसानों ने इस सत्र में अधिक मात्रा में मक्का की खेती की है,अब किसानों को अपने उत्पाद को बेचने स्थानीय स्तर पर बाजार भी मिल रहा है ।

 

 

Related Post