साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, कोरबा से दो म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार

जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगों को ठगी की रकम मंगाने वाले दो युवकों को कुसमुंडा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पैसों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में की गई ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व सीएसपी के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना कोरबा और थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर म्यूल अकाउंट की सतत निगरानी कर रही थी। इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण में कुसमुंडा थाना क्षेत्र के आनंद नगर निवासी दो युवकों की संदिग्ध भूमिका सामने आई।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों ने नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को सौंप दिया था। इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कर असली अपराधियों की पहचान छिपाने का प्रयास किया जा रहा था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

 एम. डी. तवरेज (23 वर्ष), पिता – एम. डी. गयासुद्दी

निवासी – आनंद नगर, थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा

 पुष्पेंद्र साहू (22 वर्ष), पिता – श्याम सुंदर साहू

निवासी – आनंद नगर, थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा

दोनों आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 61(2)(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर 08 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर 21 फरवरी 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी किसी को न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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