कोण्डागांव, 4 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार राज्यभर में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है, जिसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। लेकिन कोण्डागांव जिले में धान खरीदी व्यवस्था अब गंभीर संकट के दौर से गुजरती नजर आ रही है।
जिले में कुल 67 धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से सुचारू रूप से धान की खरीदी की जा रही थी। हालांकि, धान का नियमित उठाव नहीं होने के कारण अब स्थिति बिगड़ती जा रही है। धान उठाव ठप रहने से सहकारी समिति प्रबंधकों एवं केंद्र प्रभारियों में भारी रोष व्याप्त है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ, जिला इकाई कोण्डागांव ने गुरुवार को ज्ञापन सौंपते हुए 5 जनवरी से धान खरीदी बंद करने की घोषणा की थी। समिति का कहना है कि जिले के 60 से अधिक उपार्जन केंद्रों में खरीदी बफर लिमिट से अधिक हो चुकी है, जबकि अब तक उठाव की स्थिति लगभग शून्य बनी हुई है।
इस घोषणा के बाद जिले के किसानों में असमंजस और चिंता की स्थिति निर्मित हो गई है। खासकर वे किसान, जिनका पहली बार टोकन कटा है और जो सोमवार 5 जनवरी को धान बेचने उपार्जन केंद्रों में पहुंचने वाले हैं, उनके सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। यदि खरीदी नहीं होती है तो केंद्रों पर तनावपूर्ण हालात बनने की आशंका जताई जा रही है।
पूरे मामले को लेकर अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रविवार शाम तक प्रशासन की चुप्पी बनी हुई है, जिससे स्थिति और अधिक असमंजसपूर्ण होती जा रही है। अब जिलेभर के किसानों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
