होली के अवसर पर शराब दुकानें खुले रखने के राज्य सरकार के निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने इस फैसले को अनुचित बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
गुप्ता ने कहा कि रंगों और भाईचारे के पर्व होली पर जहां अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहते हैं, वहीं शराब दुकानों को खुला रखने का निर्णय सामाजिक दृष्टि से उचित नहीं है। उनका कहना है कि पूर्व में होली से एक दिन पहले शराब दुकानें बंद कर दी जाती थीं, जिससे त्योहार के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई आबकारी नीति में ड्राई डे की संख्या घटाकर चार कर दी गई है और होली जैसे प्रमुख त्योहार को इसमें शामिल नहीं किया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, यह निर्णय राजस्व बढ़ाने की मंशा से प्रेरित प्रतीत होता है।
गुप्ता ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे पहले से चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में त्योहार के दिन शराब बिक्री की अनुमति देने से अव्यवस्था की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने और होली को ड्राई डे घोषित करने की मांग की है।
इस मुद्दे पर आगे भी राजनीतिक बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रहने की संभावना है।
