मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट 2026-27 को रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलित व दूरदर्शी दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अग्रणी राज्य बनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने विकास की जिस मजबूत नींव को तैयार किया है, उसका प्रत्यक्ष लाभ अब आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।
सोमवार को आम बजट 2026-27 पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह बजट नए भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है। रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलन इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता है। इससे न केवल आर्थिक मजबूती आएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम
सीएम योगी ने कहा कि बजट भविष्य की पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग—सभी के हितों को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को और मजबूत करेगा तथा उत्तर प्रदेश को विकसित भारत-2047 के रोडमैप में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा।
एमएसएमई और ओडीओपी को मिलेगा बड़ा संबल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान से उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग तीन करोड़ लोगों की आजीविका जुड़ी है। यह प्रावधान विशेष रूप से ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना को मजबूती देगा, जिसे ब्रांडिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और निर्यात से जोड़कर वैश्विक पहचान दिलाई जा चुकी है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
सीएम योगी ने कहा कि बजट से प्रदेश में निवेश का माहौल और अधिक अनुकूल होगा। नई तकनीक, स्किल ट्रेनिंग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, औद्योगिक विस्तार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी इस बजट से नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आम बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास की स्पष्ट दिशा और मजबूत संकल्प है, जो प्रदेश को विकसित भारत की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करेगा।
