मुख्यमंत्री साय सरकार का बजट ‘सुशासन एवं समृद्ध छत्तीसगढ़’ का प्रतीक – भरत वर्मा

 

राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये के ‘संकल्प बजट 2026’ को लेकर प्रदेश भाजपा के पूर्व महामंत्री एवं जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा ने इसे ऐतिहासिक और सर्वहारा वर्ग के हित में सर्वश्रेष्ठ बजट बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट “सुशासन से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने वाला है और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

श्री वर्मा ने कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। महतारी वंदन योजना के तहत ₹8200 करोड़ का प्रावधान कर 70 लाख से अधिक विवाहित, विधवा, परित्यक्त एवं तलाकशुदा महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक ₹14,000 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने इसे मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली देश की सर्वश्रेष्ठ योजना बताया।

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने हेतु कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे 25 लाख से अधिक किसान, विशेषकर छोटे और सीमांत किसान लाभान्वित होंगे। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि पंपों के लिए ₹5500 करोड़ का प्रावधान किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

श्री वर्मा ने कहा कि रानी दुर्गावती योजना के तहत बेटियों को 18 वर्ष पूर्ण होने पर ₹1.5 लाख की सहायता राशि प्रदान करना कन्या भ्रूण हत्या रोकने, शिक्षा और विवाह में सहयोग देने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

उन्होंने क्षेत्रीय एवं सामाजिक विकास के तहत बस्तर एजुकेशन सिटी के लिए ₹100 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए ₹2000 करोड़ तथा 5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़ के प्रावधान को दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

श्री भरत वर्मा ने कहा, “महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाएगी और रानी दुर्गावती योजना हमारी बेटियों का भविष्य सुरक्षित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट हर वर्ग की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला और समृद्ध छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम है।”

अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने और प्रदेश के विकास में भागीदार बनें।

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