छुरिया क्षेत्र में पशु तस्करी जोरों पर, जंगल के रास्तों से पैदल ले जाए जा रहे मवेशी

 

फर्जी पंचायत रसीद के सहारे परिवहन की आशंका, कार्रवाई पर उठे सवाल

छुरिया। जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की सख्ती चर्चा में है। लगातार कार्रवाई और निगरानी के चलते कई मामलों में पुलिस सक्रिय नजर आ रही है, लेकिन कुछ थाना क्षेत्रों में अब भी लापरवाही के आरोप सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला शनिवार को छुरिया थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मवेशियों को पैदल जंगल और कच्चे रास्तों से ले जाने का मामला चर्चा में रहा।

ग्रामीणों के अनुसार दिवानटोला और घुपसाल के बीच कुछ लोगों को मवेशियों को पैदल हांकते हुए रोका गया। पूछताछ में मजदूर ने बताया कि उनके पास आसरा पंचायत की रसीद है। स्थानीय लोगों ने रसीद को संदिग्ध बताते हुए इसकी जानकारी छुरिया थाना प्रभारी को दी।

सूचना मिलने पर थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा और मवेशियों को पैदल ले जा रहे व्यक्ति को थाना ले जाया गया। वहीं पशुओं को सड़क किनारे बांध दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना में पूछताछ के बाद बिना किसी स्पष्ट कार्रवाई के संबंधित व्यक्ति को छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फर्जी पंचायत रसीद के आधार पर मवेशियों को ले जाया जा रहा था, तो दस्तावेजों की जांच और कानूनी कार्रवाई जरूरी थी। मामले को लेकर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, पंचायत रसीद की सत्यता की पड़ताल और पशु तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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