ठेला संचालकों की दादागिरी, स्वच्छ शहर अभियान को चुनौती

एक ओर नगर निगम शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ ठेला संचालकों की लापरवाही इस प्रयास को खुली चुनौती दे रही है। शहर के महानदी कॉम्प्लेक्स के सामने अव्यवस्थित रूप से लगने वाले ठेलों के कारण क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेला संचालक दुकान के सामने झाड़ू लगाकर कचरा इकट्ठा तो कर देते हैं, लेकिन उसे उठाने की व्यवस्था नहीं करते। कई बार कचरा वहीं ढेर बना रहता है और झाड़ू भी सड़क किनारे छोड़ दी जाती है। न तो उनके पास कचरा रखने के लिए डस्टबिन है और न ही स्वच्छता नियमों के पालन की चिंता दिखाई देती है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे ठेला संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कुछ ठेला संचालक खुलेआम कहते हैं कि उन्हें निगम से अनुमति प्राप्त है और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

गंदगी के कारण आसपास के व्यापारियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वच्छता अभियान की साख बचाने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि नगर निगम इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और स्वच्छ शहर के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए क्या कदम उठाता है।

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