महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी, 66 लाख से अधिक का गांजा जब्त

अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स ने महज 24 घंटे के भीतर गांजा तस्करी के विरुद्ध तीन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों को अंजाम देकर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। खास बात यह रही कि केवल 6 घंटे के भीतर एंड टू एंड कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांजे के थोक बिक्रीकर्ता से लेकर खरीददार तक को गिरफ्तार कर लिया।

इस संयुक्त अभियान के दौरान थाना सिंघोड़ा, कोमाखान और बागबाहरा क्षेत्र में दर्ज तीन अलग-अलग प्रकरणों में कुल 132.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 66 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है। साथ ही गांजा परिवहन में इस्तेमाल की गई 6 कारें भी जब्त की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 55 लाख रुपये बताई गई है।

11 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े तार

इन तीनों मामलों में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में

मध्यप्रदेश के 5,

महाराष्ट्र के 4,

और ओडिशा के 2 आरोपी शामिल हैं।

जबलपुर (मध्यप्रदेश) से जुड़े तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों की गिरफ्तारी को पुलिस ने बड़ी सफलता माना है।

6 घंटे में पूरा नेटवर्क बेनकाब

इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि रायपुर, राजनांदगांव और महाराष्ट्र के भंडारा जिले की पुलिस के साथ जबरदस्त समन्वय स्थापित करते हुए केवल 6 घंटे में पूरे तस्करी नेटवर्क को पकड़ लिया गया। इसमें साइबर थाना की डेटा एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस डेस्क की भूमिका बेहद अहम रही, जिसने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की कड़ियों को जोड़कर पुलिस को सटीक जानकारी उपलब्ध कराई।

2026 में अब तक की बड़ी उपलब्धि

महासमुंद पुलिस की मादक पदार्थ विरोधी मुहिम लगातार तेज होती जा रही है।

वर्ष 2026 में अब तक

34 प्रकरणों में

2285 किलो अवैध गांजा (कीमत लगभग 11 करोड़ 42 लाख 74 हजार रुपये)

35 वाहन (कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये)

जब्त किए जा चुके हैं।

इन मामलों में अब तक 93 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

अंतरराज्यीय तस्करी पर सख्त नजर

गिरफ्तार 93 आरोपियों में से 69 आरोपी अन्य राज्यों से हैं, जिनमें

ओडिशा (23), मध्यप्रदेश (17), महाराष्ट्र (16), उत्तर प्रदेश (5), बिहार (2), हरियाणा (2), राजस्थान (3) और दिल्ली (1) शामिल हैं।

महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन निश्चय के तहत यह सख्त अभियान आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

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