रायगढ़ में अवैध अफीम खेती का बड़ा खुलासा

रायगढ़/तमनार राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अवैध नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम आमाघाट में नदी किनारे बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम

पुलिस को 19 मार्च की रात्रि सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आमाघाट के नदी किनारे स्थित खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस टीम ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची, जहां मीडिया कर्मियों और पत्रकारों की उपस्थिति में जांच प्रारंभ की गई।

झारखंड निवासी संदेही हिरासत में

जांच के दौरान खेत में अफीम की खेती करने के आरोप में मार्शल सांगा, पिता मिखाएल सांगा, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम हडमबनम, थाना खूंटी, जिला खूंटी (झारखंड) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने ससुराल ग्राम आमाघाट में रहकर पिछले कुछ महीनों से अपने झारखंड के साथियों के साथ मिलकर लगभग एक एकड़ भूमि में अफीम की खेती कर रहा था।

रातभर खेत पर पुलिस का पहरा

पुलिस टीम ने रातभर आमाघाट में कैम्प कर खेत की निगरानी की, ताकि किसी प्रकार के साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। खेत में लगी फसल की सुरक्षा के साथ आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी की गई।

एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर दिए निर्देश

आज सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह घटनास्थल पहुंचे और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को जांच तथा वैधानिक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। इस दौरान एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, निरीक्षक प्रशांत राव, निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक गिरधारी साव, तमनार तहसीलदार, पटवारी, आबकारी विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद रही।

पांच खसरा नंबरों में फैली भूमि

राजस्व विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह पांच अलग-अलग खसरा नंबरों में दर्ज निजी एवं परियोजना भूमि है। पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

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