मां सरस्वती विद्या मंदिर बुंदेली कसाई पाली में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम संपन्न

बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मां सरस्वती विद्या मंदिर बुंदेली कसाईपाली में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलीय छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत पुष्पहार एवं पारंपरिक वेश के साथ किया गया।

 

1996 से शिक्षा की अलख जगा रहा विद्यालय

विद्यालय का इतिहास बताते हुए बताया गया कि यह संस्था वर्ष 1996 में सरस्वती शिशु मंदिर के रूप में प्रारंभ हुई थी। प्रबंधक समिति के सतत प्रयासों से वर्ष 2006 में स्वतंत्र रूप से पंजीकरण कराकर इसे मां सरस्वती विद्या मंदिर बुंदेली कसाईपाली के नाम से नई पहचान मिली। वर्तमान में विद्यालय में केजी-1 से कक्षा 10वीं तक कुल 12 कक्षाओं में 338 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

इन विद्यार्थियों का आगमन बुंदेली, कसाईपाली, चाकाबुड़ा, डीहपारा, देवरी, दुल्ही कछार, शुक्लाखार, भाटापारा, इंदिरा नगर, जवाली, मौहारपारा सहित आसपास के अनेक गांवों से होता है। विद्यालय में 15 शिक्षक-कर्मचारी निष्ठा एवं समर्पण भाव से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

 

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र

वार्षिक उत्सव में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में देशभक्ति, लोक संस्कृति एवं सामाजिक संदेश से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी गईं।

इनमें बस्तरिहा गीत, सुआ गीत, पंथी नृत्य, रावत नाचा, छत्तीसगढ़ सीजी रीमिक्स, हरियाणवी नृत्य, गरबा डांस, हम वक्त बदल देंगे, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, स्कूल जाबो जैसे कार्यक्रम शामिल रहे।

छोटी-छोटी बच्चियों द्वारा प्रस्तुत “छोटे-छोटे सपने”, “बेटी हमारी अनमोल” जैसी प्रस्तुतियों ने भावनात्मक संदेश दिया। वहीं मोबाइल थीम पर आधारित सामाजिक नाटक ने आधुनिक युग में मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और सामाजिक चेतना को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

 

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य रूप से कटघोरा विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि श्री नंदकुमार पटेल, ग्राम सरपंच श्री ललितेश प्रताप सिंह, जनपद सदस्य भुवन पाल सिंह, उपसरपंच श्री साखाराम कश्यप, श्रीमती रजनी सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री राजेश चौहान, युवा कार्यकर्ता हरीश कश्यप सहित बड़ी संख्या में मातृशक्तियां एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

शैक्षणिक उपलब्धियों पर डाला प्रकाश

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजुला निर्मलकर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों, विकास योजनाओं, कार्यप्रणाली एवं शिक्षा के स्तर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष बोर्ड परीक्षा में कक्षा 8वीं के 18 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की, जो विद्यालय की बड़ी उपलब्धि है।

साथ ही विद्यालय में डिजिटल एवं तकनीकी शिक्षा, नैतिक शिक्षा और विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की योजनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

 

मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

वार्षिक परीक्षा 2024-25 में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं अभिभावकों के लिए जलपान एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।

 

शिक्षकों के योगदान की हुई सराहना

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं किरण मैडम, परमिला मैडम, माधुरी मैडम, खुशबू मैडम, पुष्पा मैडम, करुणा मैडम, कविता मैडम, सविता मैडम तथा संचालनकर्ता दीपकरानी मैडम का सराहनीय योगदान रहा। अतिथियों ने विद्यालय के बेहतरीन संचालन एवं सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन और मेहनत की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

 

आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा यह संकल्प लिया गया कि इस प्रकार का वार्षिक उत्सव प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। साथ ही आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण एवं ग्राम में प्रभात फेरी निकालने की घोषणा भी की गई।

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