उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का 25 मार्च को बड़ा फैसला सुना सकती हैं 

चुनाव की तारीख को लेकर उठा सवाल अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है. मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव में देरी की संकेतों को लेकर याचिका दायर की गई. याचिका पर हाईकोर्ट ने यूपी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल पूछा कि क्या तय समय पर चुनाव हो पाएगा इस पर अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी 

यूपी पंचायत चुनाव में आखिर क्यों देरी हो रहा हैं 

 

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए सबसे अड़चन आरक्षण को लेकर है पंचायत चुनाव आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया जाता है आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही पंचायत चुनाव की सीटों पर आरक्षण तय होता है ओबीसी आयोग को सभी जिलों की समीक्षा के साथ आरक्षण पर सिफारिशें देने में 2-3 महीने का समय लगता है. हालांकि इससे पहले बने ओबीसी आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है नए ओबीसी आयोग के गठन से सिफारिशों तक लंबा वक्त लग सकता है

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव कराया जाएगा. अकेले ग्राम प्रधान के ही 50 हजार से ज्यादा पदों पर चुनाव होता है और इसे यूपी में सबसे बड़ा चुनावी दंगल कहा जाता है

याचिकाकर्ता ने मांग थी कि सरकार और यूपी के राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले जरूरी चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया जाए. ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत ही नहीं जिला पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाए. अदालत ने इस पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि क्या वो 5 साल की संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न करा पाएगा. संविधान में उल्लेख है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से अगले 5 साल तक ही रहेगी, इसके आगे नहीं बढ़ेगा 

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए सबसे अड़चन आरक्षण को लेकर है पंचायत चुनाव आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया जाता है आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही पंचायत चुनाव की सीटों पर आरक्षण तय होता है ओबीसी आयोग को सभी जिलों की समीक्षा के साथ आरक्षण पर सिफारिशें देने में 2-3 महीने का समय लगता है. हालांकि इससे पहले बने ओबीसी आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है नए ओबीसी आयोग के गठन से सिफारिशों तक लंबा वक्त लग सकता है अब देखना है क्या सरकार तय समय पर चुनाव करा पाएगी या फिर आगे बढ़ जाएगा चुनाव

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