कोरबा जिले के वनांचल इलाकों में आबकारी विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूलसिंह राठिया ने आबकारी विभाग के दो अधिकारियों पर आदिवासी ग्रामीणों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विधायक द्वारा कलेक्टर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आबकारी विभाग में पदस्थ उप निरीक्षक जया मेहर देवांगन एवं प्रधान आरक्षक संतोष राठौर द्वारा श्यांग थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। आरोप है कि ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर उनसे अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मांग पूरी न होने पर उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज करने की चेतावनी दी जाती है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्यांग थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बरपाली में हाल ही में आबकारी विभाग और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इस दौरान विभाग द्वारा गरीब आदिवासी ग्रामीणों के साथ-साथ पंचायत के सरपंच के खिलाफ भी श्यांग थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। विधायक का आरोप है कि यह कार्रवाई ग्रामीणों पर दबाव बनाने और डर पैदा करने की नीयत से की गई।
विधायक फूलसिंह राठिया ने अपने पत्र में साफ शब्दों में लिखा है कि संबंधित अधिकारी कानून के भय से मुक्त होकर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में आदिवासी ग्रामीणों का शोषण न हो और शासन की योजनाओं व कानूनों पर आम जनता का भरोसा बना रहे।
इस मामले को लेकर अब जिला प्रशासन की भूमिका अहम मानी जा रही है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती है तो वनांचल क्षेत्रों में कथित अवैध वसूली से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण पर आदिवासी समुदाय सहित आमजन की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
