जिला कार्यालय कोरबा में आयोजित साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता, संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुना। जनदर्शन में कुल 131 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान आवेदकों ने क्रमवार अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। ट्राइसाइकिल एवं राशन कार्ड से जुड़े मामलों को खाद्य विभाग को भेजते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। वहीं समाज कल्याण विभाग को पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने हेतु आवेदनों की जांच करने को कहा गया।
इस दौरान भूमि कब्जामुक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), केवाईसी, मुआवजा, संविदा एवं अनुकम्पा नियुक्ति, सीमांकन और भवन निर्माण से संबंधित कई महत्वपूर्ण आवेदन सामने आए।
बरबसपुर क्षेत्र में राखड़ डंपिंग से खेतों में जलभराव और फसल क्षति की शिकायत पर कलेक्टर ने मौके का निरीक्षण कर जांच एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम अंतर्गत मरम्मत कार्य के बाद भुगतान न होने की शिकायत पर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजकर नियमानुसार परीक्षण करने को कहा गया।
एसईसीएल भूमि मुआवजा से जुड़े आवेदन पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भूमि मापन प्रक्रिया अनिवार्य है और संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर मापन कर आगे की कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राताखार दुर्गा चौक में जर्जर विद्युत पोल से संभावित दुर्घटना की आशंका पर विद्युत विभाग को तत्काल सुधार कार्य के निर्देश दिए गए।
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ कराने एवं फसल क्षति से जुड़े मामलों पर जिला पंचायत और वन विभाग को संयुक्त जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही ठेकेदारी कार्य पूर्ण होने के बाद भुगतान न मिलने और आवास मित्रों के मानदेय भुगतान से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया।
जनदर्शन में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह जनदर्शन कार्यक्रम प्रशासन की जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसंवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बना, जहां हर आवेदन को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में ठोस पहल की गई।
